समयाचारहीनस्य स्वैरवृत्तेर्दुरात्मनः ।
न सिद्धयः कुलभ्रंशस्तत्संसर्गं न कारयेत् ॥
समयाचार से हीन, स्वेच्छाचारी दुरात्मा को सिद्धियाँ न मिल कर वह कुल से पतित होता है। उसकी सङ्गत नहीं करनी चाहिये।
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