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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 7
शीतादिरहिते स्थाने स्थापयेद्दिवसद्वयम् । तस्मादग्निं समारोप्य जम्बालसदृशं पचेत् ॥
शीतलता रहित स्थान पर दो दिन के लिए उसे स्थापित करना चाहिए। फिर अग्नि पर उसे चढ़ाकर तब तक पकावे जब तक सभी एक में मिलकर गाढ़ा हलुआ न बन जाए।
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