ब्राह्मण के लिए यह अमृत सदा पेय है, क्षत्रिय के लिये युद्ध के आसन्न होने पर, वैश्य के लिये यज्ञ के अवसर पर और शूद्र के लिये श्रमसाध्य कार्य होने पर यह पेय है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।