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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 54
मन्त्रपूतं कुलद्रव्यं गुरुदेवार्पितं प्रिये । ये पिबन्ति जनास्तेषां स्तन्यपानं न विद्यते ॥
मन्त्र द्वारा पवित्र और गुरुदेव एवं देवता को अर्पित कुलद्रव्य जो पीते हैं हे प्रिये! उन्हें स्तनपान नहीं करना पड़ता अर्थात् उनका पुनर्जन्म नहीं होता।
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