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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 47
शैवे वा वैष्णवे शाक्ते सौरे सुगतदर्शन । बौद्धे पाशुपते सांख्ये व्रते कुलमुखे तथा ॥ सदक्षवामसिद्धान्ते वैदिकादिषु पार्वति । विनाऽलिपिशिताभ्यान्तु पूजनं निष्फलं भवेत् ॥
हे पार्वति! शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर, बौद्ध, पाशुपत, सांख्य, वैखानसव्रत, कालामुख, दक्षिण, वाम, सिद्धान्त अथवा वैदिक आदि सभी सम्प्रदायों में बिना मद्य मांस के पूजन करना निष्फल होता है।
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