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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 43
आराधनासमर्थश्चेद्दद्यादर्चनसाधनम् । यो दातुं नैव शक्नोति कुर्यादर्चनदर्शनम् ॥
कुलपूजा में यदि असमर्थ हो, तो कुल पूजन की सामग्री प्रदान करे। जो सामग्री न दे सकता हो, वह पूजन का दर्शन करे।
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