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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 42
तस्मात् सर्वप्रयत्नेन कुलपूजारतो भवेत् । लभते सर्वसिद्धींश्च नात्र कार्या विचारणा ॥
अतः सब प्रयत्न करके कुलपूजा में लगना चाहिए, जिससे सब सिद्धियाँ मिलती है, इसमें सन्देह नहीं।
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