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कुलार्णव • अध्याय 5 • श्लोक 23
इच्छाशक्तिः सुरामोदे ज्ञानशक्तिश्च तद्रसे । तत्स्वादे च क्रियाशक्तिस्तदुल्लासे परा स्थिता ॥
सुरा की गन्ध में इच्छाशक्ति होती है, उसके रस में क्रियाशक्ति, उसके स्वाद में ज्ञानशक्ति और उसके उल्लास में पराशक्ति अवस्थित होती हैं।
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