ऐक्षवी विद्याप्रदा, द्राक्षी राज्यदायिनी है। तालजा स्तम्भन में प्रशस्त है और खार्जुरी शत्रुनाशिनी है। नारिकेल की बनी सुरा लक्ष्मीदायिनी और पानसी शुभकारिणी है। मधूक की बनी ज्ञानदायिनी और माध्वी रोगनाशिनी है। हे कुलेशानि! मैरेय सर्वपापहारिणी होती है।
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