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कुलार्णव • अध्याय 4 • श्लोक 7
परतत्त्वस्वरूपत्वात् परमात्मप्रकाशनात् । परमानन्दजननात् परधर्मनिदर्शनात् ॥
परतत्त्व का स्वरूप होने से, परमार्थ का प्रकाश करने से, परमानन्द देने से, परम-धर्म का निदर्शक होने से,
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