महाषोढाकृतन्यासस्तेन यो वन्द्यते शिवे । षण्मासान्मृत्युमाप्नोति यदि त्राता शिवः स्वयम् ॥
वज्रपञ्जरनामानमेतं न्यासं करोति यः ।
हे शिवे! महाषोढान्यास करने वाला जिसकी बन्दना करता है, वह छः महीने के भीतर मृत्यु को प्राप्त करता है, भले ही स्वयं शिव उसके रक्षक हों। अतः इसी का नाम 'वज्रपञ्जरन्यास' है।
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