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कुलार्णव • अध्याय 4 • श्लोक 46
महाषोढाह्वयं न्यासं यः करोति दिने दिने । देवाः सर्वे नमस्यन्ति तं नमामि न संशयः ॥
जो साधक प्रतिदिन 'महाषोढा' नामक न्यास को करता है सभी देवता उसे नमस्कार करते हैं। मैं भी उसे नमस्कार करता हूँ, इसमें सन्देह नहीं।
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