यह न्यास जिस किसी को न बताना चाहिए। आपके स्नेह के कारण मैं इसे आपसे कहता हूँ। १. प्रपञ्च, २. भुवन, ३. मूर्ति, ४. मन्त्र, ५. दैवत और ६. मातृका - इन ६ न्यासों से सम्बन्धित 'महाषोढान्यास' सब न्यासों में श्रेष्ठ है।
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