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कुलार्णव • अध्याय 4 • श्लोक 12
देवीपूजागृहध्यानं शिवादिगुरुवन्दनम् । आसनं गणपक्षेत्रपालवन्दनमीश्वरि ॥
फिर हे ईश्वरि! देवी पूजा के पूर्व ध्यान, शिवादि गुरु की वन्दना, आसन शोधन और गणपति क्षेत्रपाल की वन्दना करे।
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