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कुलार्णव • अध्याय 3 • श्लोक 76
तस्मात् सर्वप्रयत्नेन सर्वावस्थासु सर्वदा । श्रीप्रासादपरामन्त्रं जपेद् भुक्तिविमुक्तये ॥
अतएव भुक्ति एवं मुक्ति पाने के लिए हे कुलनायिके! सभी प्रकार से प्रयत्न करके, सब अवस्थाओं में, सदैव श्रीप्रासादपरामन्त्र का जप करना चाहिये।
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