श्रीप्रासादपरामन्त्र की जप विधि यह है कि आगमोक्त विधि से क्रमपूजा सहित श्रीप्रासादपरा मन्त्र का एक सौ आठ बार जप करे। इससे ब्रह्महत्या आदि पाँच महापापों से मुक्त हो जाता है।
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