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कुलार्णव • अध्याय 3 • श्लोक 68
श्रीप्रासादपरामन्त्रं सर्वमन्त्रशिरोमणि । जपन् भुक्तिञ्च मुक्तिञ्च लभते नात्र संशयः ॥
अतएव यह श्रीप्रासादपरामन्त्र सब मन्त्रों का शिरोमणि है। इसका जप करने से भुक्ति और मुक्ति दोनों प्राप्त होती है, इसमें सन्देह नहीं।
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