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कुलार्णव • अध्याय 3 • श्लोक 49
तस्य चिन्तामणिः कामधेनुः कल्पतरुगृहे । कुबेरः किङ्करः साक्षात् पराप्रासादजापिनः ॥
उसके घर में चिन्तामणि, कामधेनु और कल्पतरु सदैव विद्यमान रहते हैं तथा पराप्रासाद का जप करने वालों की सेवा साक्षात् कुबेर करते हैं।
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