मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 3 • श्लोक 23
आम्नायं यो नरो देवि विजानाति च तत्त्वतः । लभते काङ्क्षितां सिद्धिं सत्यं सत्यं वरानने ॥
हे देवि! जो मनुष्य ऊर्ध्वाम्नाय के तत्त्व को जान लेता है, वह अभीष्ट सिद्धि को प्राप्त करता है, हे वरानने! यह सर्वथा सत्य है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें