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कुलार्णव • अध्याय 3 • श्लोक 19
नानाजन्मार्जितापारपुण्यकर्मफलोदयात् । ऊर्ध्वाम्नायं विजानीयान्नान्यथा वीरवन्दिते ॥
हे वीरवन्दिते! नाना जन्मों में उपार्जित अपार पुण्यकर्मों का फल उदय होने से ऊर्ध्वाम्नाय का ज्ञान मिलता है, अन्यथा नहीं।
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