प्रियतमा (शक्ति) का मुखदर्शन कर मद्य पान और मांस भोजनपूर्वक जप करने से परम पद प्राप्त होता है। गुरु की दया से ही यह कुलदर्शन मिलता है। आपके भक्त ही इस भुक्ति एवं मुक्ति दायक कुलदर्शन को जानते हैं, अन्य नहीं।
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