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कुलार्णव • अध्याय 2 • श्लोक 86
यस्य जन्मान्तरे पापकर्मबन्धोऽधिको भवेत् । न तस्य गुरुकारुण्यं कुलज्ञानञ्च जायते ॥
जिस मनुष्य के पिछले जन्मों के पाप-कर्मों के बन्धन अधिक हैं, उस पर गुरु की कृपा नहीं होती और न उसे कुल का ज्ञान मिलता है।
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