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कुलार्णव • अध्याय 2 • श्लोक 7
सर्वेभ्यश्चोत्तमा वेदा वेदेभ्यो वैष्णवं परम् । वैष्णवादुत्तमं शैवं शैवाद्दक्षिणमुत्तमम् ॥ दक्षिणादुत्तमं वामं वामात् सिद्धान्तमुत्तमम् । सिद्धान्तादुत्तमं कौलं कौलात् परतरं न हि ॥
सबसे उत्तम वेद हैं, वेदों से उत्तम वैष्णव हैं, वैष्णव से उत्तम शैव, शैव से उत्तम दक्षिण, दक्षिण से उत्तम वाम, वाम से उत्तम सिद्धान्त, सिद्धान्त से उत्तम कौल हैं, किन्तु कौल से उत्तम कोई नहीं है।
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