समयाचार का पालन करने वाला यदि कुलधर्म का ज्ञान बताता है, तो वह बताने वाला (गुरु) और उस ज्ञान को प्राप्त करने वाला (शिष्य) दोनों ही योगिनियों के पशु होते हैं अर्थात् उनके द्वारा नाश को प्राप्त होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।