न ब्रूयात् कुलधर्मं तमयोग्ये कुलशासनम् ।
आज्ञाभङ्गश्च यः कुयद्दिवताशापमाप्नुयात् ॥
अयोग्य व्यक्ति को कुलधर्म या कुलशास्त्र नहीं बताना चाहिए। इस आज्ञा को भंग करने पर देवता का शाप मिलता है।
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