हे देवि! जिस पर आप (भगवती) और हम (शिव) दोनों प्रसन्न होते हैं और हे सभी का कल्याण करने वाली देवि! जिसे देवता एवं गुरु में भक्ति है, उसे कुलधर्म का ज्ञान होता है।
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