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कुलार्णव • अध्याय 2 • श्लोक 20
दर्शनेषु च सर्वेषु चिराभ्यासेन मानवाः । मोक्षं लभन्ते कौले तु सद्य एव न संशयः ॥
सभी अन्य दर्शनों में दीर्घकालीन प्रयास से ही मनुष्यों को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है किन्तु कौल धर्म में अभ्यस्त साधक शीघ्र ही जीवन्मुक्त हो जाता है इसमें सन्देह नहीं है।
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