हे प्रिये! अधिक कहने से क्या लाभ? एक तत्त्व की बात सुनिए - हे महादेवि! जीवन्मुक्ति का सरल उपाय कुलशास्त्रों में छिपा हुआ है, जो सोने में सुगन्ध के समान मोक्ष के अभिलाषियों के लिए उत्तम फलरूप है। कुल के ज्ञाताओं में भी जो ऊर्ध्वाम्नाय से प्रसिद्ध हैं, उनका ज्ञान श्रेष्ठ है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।