टेढ़ी-मेढ़ी, एवं सीधी होकर भी जाने वाली सभी नदियाँ जैसे समुद्र में ही मिल जाती हैं, वैसे ही विविध प्रकार के धर्म भी अन्ततः कुलधर्म में ही विलीन हो जाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।