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कुलार्णव • अध्याय 17 • श्लोक 90
सिद्धार्थमक्षतञ्चैव कुशाग्रं तिलमेव च । यवं गन्धः फलं पुष्पमष्टाङ्गायै प्रकीर्त्तितम् ॥
१. सिद्धार्थ (सरसों), २. अक्षत, ३. कुशाग्र, ४. तिल, ५. यव (जौ), ६. गन्ध (चन्दन), ७. फल और ८. पुष्प से 'अष्टाङ्गार्घ्य' कहा गया है।
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