हे प्रिये! घेनुमुद्रा को दिखाना 'अमृतीकरण' है। हे देवि ! 'क्षमस्व' कहकर अञ्जलि दिखाना 'परमीकरण' है। हे प्रिये! देवता के सम्मुख कुशल प्रश्न करना 'स्वागत' है।
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