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कुलार्णव • अध्याय 17 • श्लोक 73
मोहध्वान्तप्रशमनात् क्षयार्तिविनिवारणात् । दिव्यरूपप्प्रदानाच्च परतत्त्वप्रकाशनात् । ख्यातो मोक्षो दीप इति मोक्षमार्गेकसाधनः ॥
मोहान्धकार को शान्त करने से, क्षयादि रोग एवं दुःखों को दूर करने से, दिव्य रूप प्रदान करने से और परतत्त्व का प्रकाश करने से 'मोक्षदीप' प्रसिद्ध है, जो मोक्षमार्ग का एकमात्र साधन है।
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