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कुलार्णव • अध्याय 17 • श्लोक 55
कमलासनरूपत्वाल्लघुतत्त्वादिनाशनात् । शमितापारपापाच्च कलशः परिकीर्त्तितः ॥
कमलासनरूप होने से, लघु तत्त्वादि का नाश करने से और अपार पापों को शमित (शान्त) करने से 'कलश' कहा जाता है।
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