मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 17 • श्लोक 52
मुदं कुर्वन्ति देवानां मनांसि द्रावयन्ति च। तस्मान्मुद्रा इति ख्याता दर्शितव्याः कुलेश्वरि ॥
हे कुलेश्वरि! देवताओं को मुदित (प्रसन्न) करती हैं और मन को द्रवित (भाव पूर्ण) करती हैं। अतः 'मुद्रा' नाम से प्रसिद्ध है, उन्हें दिखाना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें