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कुलार्णव • अध्याय 17 • श्लोक 4
गुशब्दस्त्वन्धकारः स्यात् रुशब्दस्तन्निरोधकः । अन्धकारनिरोधत्वात् गुरुरित्यभिधीयते ॥
गुरु - 'गु' शब्द का अर्थ है अन्धकार और 'रु' शब्द का तात्पर्य है उसको दूर करने वाले। अर्थात् अज्ञान रूपी अन्धकार को दूर करने के कारण 'गुरु' नाम पड़ा।
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