श्री देव्युवाच
कुलेश श्रोतुमिच्छामि गुरुनामादिवासनाम् ।
तत्त्वं कुलपदार्थानां वद मे परमेश्वर ॥
श्री देवी ने कहा - हे कुलेश! मैं गुरु नामादि की भावना को सुनना चाहती हूँ। हे परमेश्वर! साथ ही कुल पदार्थों का तत्त्व मुझे बताइए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।