हे प्रिये! मूलाधारकमल के मध्य में अग्नि का ध्यान कर उसके मध्य में प्रलयाग्नि के समान उज्ज्वल एवं प्रतिलोमक्रम में दस व्यापक अक्षरों से सम्पुटित पराप्रासादबीज (हसौ) का ध्यान करे।
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