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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 86
दिक्पीठ क्षेत्रमुद्रादिवृक्षवल्लीमठादिकाः । ज्ञेया भैरवदेव्यश्च ऊर्ध्वाम्नायस्य पार्वति ॥
हे पार्वति! दिशा, पीठ, क्षेत्र, मुद्रादि, वृक्ष, वल्ली, मठादि और ऊर्ध्वाम्नाय के भैरव तथा देवियों को पहले जान ले।
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