हे कुलेशानि! इससे राजा, यौवनगर्वित स्त्रियाँ, पुरुष, सिंह, व्याघ्र, दुष्ट पशु, हाथी, सिद्ध, देव, अप्सराएँ, यक्ष, गन्धर्व स्त्रियाँ तथा अन्य देवता आदि सभी वशीभूत होते हैं, इसमें सन्देह नहीं।
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