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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 76
खदिर श्वेतमन्दारसितभानुसमिद्दरैः पलाशोदुम्बराश्वत्यप्लक्षापामार्गसत्वचैः ॥ नन्द्यावर्त्तसिताम्भोजहयारिकुसुमादिभिः । सितैरन्यैः शुभैर्ब्रव्यैः समित्पत्रफलान्तरः ॥ भक्ष्यैश्च पायसैर्दूर्वासहितैस्तिलतण्डुलैः । मधुरत्रयसंयुक्तैर्मन्त्रवित् कुलनायिके ॥
हे कुलनायिके! खदिर (कत्था), श्वेत मन्दार (अर्क मदार), पलाश (ढाक), उदुम्बर (गूलर), अश्वत्थ (पीपल), प्लक्ष (पाकड़), अपामार्ग, श्वेत कमल की समिधा तथा अन्य श्वेत शुभ द्रव्यों और फलों, भक्ष्य पदार्थों, खीर से एवं मधुरत्रय (चीनी, शहद, घी) या सुरा से युक्त तिल तण्डुल (चावल) द्वारा साधक हवन करे।
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