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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 74
तामसध्यानजं देवि फलमेतदुदीरितम् । दुष्टमारणकर्माणि विधिनानेन साधयेत् ॥
हे देवि! तामस ध्यान का ऐसा ही फल कहा है। दुष्टों के मारणकर्मों को इसी विधान से करे।
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