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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 67
अकिञ्चनोऽभिषिक्तश्च महदैश्वर्यमाप्नुयात् । वन्ध्याभिषिक्ता लभते पुत्रं सर्वगुणान्वितम् ॥
अभिषिक्त अकिञ्चन को महान् ऐश्वर्य और अभिषिक्त वन्ध्या को सर्वगुणसम्पन्न पुत्र प्राप्त होता है।
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