आरोग्य आदि की प्राप्ति इससे आयु, लक्ष्मी, कान्ति, सौभाग्य, ज्ञान, होती है। इस प्रकार अभिषिक्त राजा को चारों दिशाओं में सागर तक व्याप्त पृथ्वी पर अधिकार मिलता है।
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