मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 38
शान्तिके राजतं ताम्र भूर्जपत्रन्तु वश्यके । सर्वकार्येषु सौवर्णे क्रूरे स्यात् प्रेतकर्पटम् ॥
शान्तिकर्म में रजत और ताम्रपत्र, वश्य में भोजपत्र, सभी कर्मों में स्वर्णपत्र और क्रूर कर्मों में प्रेतकर्पट (कफन) विहित है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें