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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 34
गुर्वग्निप्रेतसंस्कारमन्त्येष्टिं दिग्बलिक्रमम् । मोक्षदीपविधानादि ज्ञात्वा कर्माणि साधयेत् ॥ इत्याद्याः कथिताः किञ्चिद्विशेषाः कुलनायिके । सर्वेषामेव मन्त्राणां विधिः साधारणक्रमः ॥
गुरु एवं कुलाग्नि, प्रेतसंस्कार, अन्त्येष्टि, दिग्बलि और मोक्षदीप आदि को विधि विधान को जानकर साधना करे। हे कुलनायिके! ये सब कुछ विशेष बातें कही गई हैं, वैसे सभी मन्त्रों की विधि का क्रम सामान्य ही है।
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