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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 27
पानभेदं फलोल्लासप्रमाणं स्थितिलक्षणम् । तत्त्वत्रयस्य स्वीकारं ज्ञात्वा कुलसुधां पिबेत् ॥
साधक पानभेद, उनके फल, उल्लास के प्रमाण, स्थिति, लक्षण और तत्त्वत्रय स्वीकार करने की विधि को जानकर कुलसुधा का पान करे।
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