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कुलार्णव • अध्याय 16 • श्लोक 26
कुलाकुलाख्यसहजशक्ति भेदश्च लक्षणम् । शुभलक्षणसंयुक्तं स्त्रीसंस्कारार्चनादिकम् । देवि सम्भोगकालञ्च ज्ञात्वा शक्तिं परिग्रहेत् ॥
हे देवि! कुल अकुल नामक सहज गति, शक्तिभेद, शुभ लक्षण, स्त्री के संस्कार व अर्चन की विधि आदि और सम्भोग काल को जानकर साधक शक्ति ग्रहण करे।
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