साथ ही साधक को विश्वास, आस्तिकता, करुणा, श्रद्धा, नियमपालन, दृढ़ निश्चय, सन्तोष, उत्सुकता और धर्मनिष्ठा आदि गुणों से युक्त होकर जप करना चाहिए।
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