मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 15 • श्लोक 88
अत्याहारः प्रलापश्च प्रजल्पो नियमाग्रहः । अन्यासङ्गश्च लौल्यश्च ष‌ड्भिर्मन्त्रो न सिध्यति ॥
१. अधिक भोजन, २. प्रलाप, ३. वाद-विवाद, ४. नियमाग्रह और ५. पराई स्त्री या ६. अन्य लोगों का साथ इन छः बातों से मन्त्र सिद्ध नहीं होता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें