मलिनाम्बरकेशादिमुखदौर्गन्धसंयुतः ।
यो जपेत्तं दहत्याशु देवता सुजुगुप्सिता ॥
मैले वस्त्र, केशादि और दुर्गन्धित मुख से युक्त जो जप करता है, उससे देवता रुष्ट होकर उसका शीघ्र ही नाश करते हैं।
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